राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी को अब 15 जुलाई तक देनी होगी अंतिम रिपोर्ट, सीएम योगी ने दिया अतिरिक्त समय

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी को अब 15 जुलाई तक देनी होगी अंतिम रिपोर्ट, सीएम योगी ने दिया अतिरिक्त समय

Ram Mandir Donation Controversy

Ram Mandir Donation Controversy

अयोध्या। Ram Mandir Donation Controversy: चढ़ावा चोरी के मामले में राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव सहित बुधवार को करीब 10 लोगों से पूछताछ पूछताछ हुई। पुलिस ने तीन आरोपितों के घर छापेमारी कर एक बक्सा व कुछ कागजात बरामद किए हैं। इस बीच घटना की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित विशेष जांच टीम (एसआइटी) का कार्यकाल 15 दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने 13 जून को एसआइटी गठित की थी। इसे सप्ताह भर में प्रारंभिक व पखवाड़े भर में अंतिम रिपोर्ट देने को कहा गया था। 21 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट में एसआइटी ने कार्यकाल बढ़ाने सहित प्रकरण में एफआइआर दर्ज करने और मंदिर व्यवस्था में सुधार के सुझाव दिए थे। इसी के आधार पर दर्ज एफआइआर के बाद अब तक आठ आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है।

गोपाल राव सहित करीब 10 लोगों से की पूछताछ

पुलिस ने जांच तेज करते हुए बुधवार को कमांड सेंटर में राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव सहित करीब 10 लोगों से पूछताछ की है। साथ ही मुख्य आरोपितों (लवकुश, अनुकल्प व करुणेश) के मिल्कीपुर, खंडासा व रुदौली स्थित पैतृक गांवों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। पुलिस ने लवकुश के पिता को हिरासत में लिया है।

जांच में लवकुश की पत्नी सुप्रिया के खाते में सालाना 24 लाख रुपये के लेनदेन का पता चला है। पुलिस के मुताबिक सुप्रिया गृहिण हैं, ऐसे में पता लगाया जा रहा है कि उनके पास यह पैसा कहां से आया।इस बीच, विवेचक व क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने अयोध्या में विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण एक्ट) रजत वर्मा की अदालत में मुख्य आरोपित अविनाश शुक्ल की 48 घंटे की पुलिस अभिरक्षा (रिमांड) की अर्जी दी है।

विशेष अभियोजन अधिकारी संजय दुबे के अनुसार, सोमवार को जेल में हुई पूछताछ के बाद चोरी के माल की बरामदगी के लिए अविनाश की रिमांड मांगी गई है, जिस पर गुरुवार को सुनवाई होगी। अविनाश के पास से अब तक सर्वाधिक 20 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। कोर्ट ने आरोपित की मांग पर उसे विधिक सहायता (अधिवक्ता) उपलब्ध कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र भी लिखा है।

रामराज्य कोष के बक्से पर वाराणसी के भास्कर का दावा

आरोपित अविनाश के कौशलपुरी स्थित योग केंद्र से पुलिस ने रामराज्य कोष लिखा एक बक्सा बरामद किया है, जिस पर पेटीएम क्यूआर कोड लगा है। इस बरामदगी के बाद वाराणसी के चितईपुर निवासी भास्कर सिंह ने दावा किया है कि यह संस्था उनकी है और बक्सा उन्होंने ही वहां रखा था। उन्होंने बताया कि इसका खाता अयोध्या के यूको बैंक में है।

खाता सक्रिय है लेकिन उस पर लगा क्यूआर कोड पुराना व निष्क्रिय है। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। उधर, फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र के नेतृत्व में अधिवक्ता गुरुवार को दोपहर 12 बजे रामजन्मभूमि थाने में तहरीर देने का निर्णय लिया। अधिवक्ता इस मामले में अब तक जांच से दूर रखे गए ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय, सदस्य डा. अनिल मिश्र व व्यवस्थापक गोपाल राव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग करेंगे।

मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में एसआइटी हुई थी गठित 

पांच जून को इस प्रकरण की जानकारी सामने आने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस प्रकरण पर पोस्ट किया था। मामला तूल पकड़ने के बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को मुख्यमंत्री के निर्देश पर लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में एसआइटी गठित हुई थी। 15 जून से जांच शुरू कर एसआइटी ने 23 जून को अपनी पहली रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद 25 जून को ट्रस्टी कृष्णमोहन की शिकायत पर पहली एफआइआर दर्ज हुई थी।

इस एफआइआर के बाद आठ लोग को गिरफ्तार को किया गया है जिनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्र शामिल हैं। इन सभी आरोपितों पर मंदिर के दानपात्रों और बैंक खातों के मैनुअल रसीद मिलान में जालसाजी, धोखाधड़ी, चोरी और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया गया है।